द फॉलोअप डेस्क
आंध्र की YSR तेलंगाना पार्टी का कांग्रेस में विलय हो गया है। इसके साथ ही पूर्व सीएम जगन मोहन की बहन शर्मिला ने ली पार्टी की सदस्यता ले ली है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मौजूदगी में दोनों पार्टियों के विलय की घोषणा YS शर्मिला ने की। बता दें कि शर्मिला YSR तेलंगाना पार्टी की अध्यक्ष हैं। वे पूर्व मुख्यमंत्री YS राजशेखर रेड्डी की बेटी हैं। उनका पालन पोषण सियासी माहौल में हुआ। शर्मिला के पिता YS राजशेखर रेड्डी आंध्र प्रदेश के सीएम थे और हेलीकॉप्टर दुर्घटना में उनकी असामयिक मृत्यु हो गई थी।

इस तरह राजनीति में आयीं शर्मिला
शर्मिला का राजनीतिक सफर उनके पिता की मौत के बाद शुरू हुआ। मई 2012 में जब सीबीआई ने शर्मिला के भाई जगन मोहन को गबन के आरोप में गिरफ्तार किया तो अपनी मां के साथ मिलकर उन्होंने पार्टी में एकता बनाये रखने का बीड़ा उठाया। 2013 में उन्होंने पार्ट की साख के बचाने के लिए आंध्र प्रदेश में लगभग 3000 किलोमीटर तक की पैदल यात्रा की। इससे राज्य में पार्टी का जनाधार को मजबूत करने में मदद मिली। पदयात्रा में उन्होंने आंध्र प्रदेश के 14 जिलों का दौरा किया और सामान्य जन से रू-ब-रू हुई। इसी समय से उनकी राजनीतिक दूरदर्शिता का लोहा माने जाने लगा था।

क्यों किया अपनी पार्टी का कांग्रस में विलय
हालिया विधानसभा चुनाव में इस बात की चर्चा थी YSR तेलंगाना पार्टी का कांग्रेस में विलय हो सकता है। साथ ही कयास लगाये जा रहे थे कि शर्मिला भी कांग्रेस में शामिल हो सकती हैं। चुनाव के पहले तो वे कांग्रेस में शामिल नहीं हुई लेकिन उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव भी नहीं लड़ा। इसी दौरान YSR तेलंगाना पार्टी के सांसदों के दल ने सोनिया गांधी से दिल्ली में मुलाकात की थी। इसके बाद से ये माना जाने लगा था कि YSR तेलंगाना पार्टी का कांग्रेस में मिलना तय है।
